तू ना जा मेरे बादशाह एक वादे के लिए एक वादा तोड़ के... मधुबाला भी फरवरी मे ही चली गयी थी। अब श्रीदेवी... मुझे अभीभी ये एक अफवा ही लग रही है.. पर वक्त आगे हम सब मजबूर है... सदमा मुव्ही से सफर चालू हुआ मेरा as a sridevi’s fan.. फिर चांदणी, मिस्टर इंडिया, खुदा गवाह, चालबाज, नागीण.. करीब करीब सब मुव्ही मैंने देख ली.. बचपन मे नागीण देखने के बाद मुझे सच मे लगा था की श्रीदेवी एक इच्छाधारी नागीण है.. श्रीदेवी को जब भी हवा हवाई गानेपर नाचते हुये देखता हु तो मुझे भी नाचने का confidence आता है। उसके बाद English-Vinglish की शशी ने दिल पर राज किया। मुव्ही शायद 2012 मे आयी थी। मै 2014 मे मुंबई आया था डिग्री के लिये। मुझे English-Vinglish की शशी ने सीखाया कैसे जीते है। उसे भी English आती नही थी और मुझे भी नही आती थी। मै आज भी English-Vinglish देखता हु.. शशी मुझे विश्वास देती है। श्रीदेवी Thank you so much.. ये सफर कभी खत्म नही होगा.. जब तक घडी के कॉटे चलते रहेंगे, जब तक वक्त दौडता रहेगा, श्रीदेवी नाम का ख्वाब युही ज़िंदा रहेगा... एक ज़िंदा ख्वाब.... 'नागीन 'सी चाल थी आज 'सद...