गीत

तेरी आखो को एक गीत मिल गया
मेरी रुह को खोया मेघ मिल गया

मेंने समजा गम के गुजरने का मतलब
तेरे  चेहरे पर  नया नूर खिल गया

मैने ढुंढा दिल के कातिल का पता 
तेरे होठों का तन्हा सहारा मिल गया



अंधी रात को मिला अंजान साया
खिलता हिज्र तेरी पलकों पर मिट गया

आसूओं ने बताया रुकने का सबब
मतलबी दर्द तेरे बाहो में लिपट गया

चांद ने कहा सुरज हार गया
मैं ने कहा हारा विवेक जीत गया





  

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