जमाना

गुलाब से इश्क बरसने का जमाना नही रहा
आवारगी मे काटों के पिघलने का जमाना नही रहा

तेरा तितली की तरहा उडणा एक जश्न है
जश्न मे शहद के खिलने का जमाना नही रहा

जुगनू रोशन था साये की तलाश मे खो गया
शमा की मानिंद रुह बरसने का जमाना नही रहा


तू ही है मुक्कमल मकाम हर एक ख्वाब का
ओस को सुबह मिलने का जमाना नही रहा

एक जमाना ऐसा भी था जहा प्यार को मिलता था खत प्यार का
अब कलम से मोहब्बत की दास्तान लिखने का जमाना नही रहा

कौन करेगा वकालत बेहाल विवेक की इस दौड मे
पर मुन्सिफ़ के सामने रुकने का जमाना नही रहा




टिप्पण्या

या ब्लॉगवरील लोकप्रिय पोस्ट

It's not good bye.. It's see you later..

Israel-Palestine @ current

Atheist having spiritual experience