हम बेकार हो गये

मौत से हम खफा थे,
पर तुम्हारे प्यार मे
हम उसीसे इश्क कर बैठे

जल रहा था आसमान दिल का
तुम्हारे नाम से,
हम सिर्फ धुऑ देखते रह गये

हमारे दर्द की बद्बू ऐसी थी
की लोग दुर चले गये
हम यही खुशबू सूंघते रह गये

जब आग लगी थी इस शहर मे
तुम ज्वाला बनकर आकाश मे मिल गये
हम राख हो कर यही बस गये


काम की थी जिंदगी, हम भी काम के थे
तुम्हने दिल क्या तोडा
जिंदगी आवारा, हम बेकार हो गये

आनेवाले पल के साथ
तुम चले गये अगली मंजिल पर
हम गुजरते हुये वक़्त के साथ पिछेही रह गये

आधी अधुरी कहाणी पढकर
तुम्हने किताब बंद कर दी
हम तो शायरी लिखतेही रह गये

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